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समाजकारण /राजकारण

बालकृष्ण शिवराम मुंजे..


                  

          *बालकृष्ण शिवराम मुंजे*  

                (स्वतंत्रता सेनानी)

          *जन्म : 12 दिसंबर, 1872*

            (जन्म भूमि - मध्य प्रान्त)

         *मृत्यु : 3 मार्च, 1948*

नागरिकता : भारतीय

प्रसिद्धि : स्वतंत्रता सेनानी

विद्यालय ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुम्बई

शिक्षा : मेडिकल डिग्री

अन्य जानकारी : बी. एस. मुंजे ने 1934 में सेंट्रल हिंदू मिलिट्री एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य मातृभूमि की रक्षा के लिए युवा हिंदुओं को सैन्य प्रशिक्षण देना

                 बालकृष्ण शिवराम मुंजे भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा हिंदू महासभा के सदस्य थे। वे 1927 से 1928 तक 'अखिल भारत हिन्दू महासभा' के अध्यक्ष रहे। बी. एस. मुंजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बनवाने में बहुत योगदान था। वे संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के राजनितिक गुरु थे।


💁🏻‍♂️ *जन्म*

बालकृष्ण शिवराम मुंजे का जन्म 12 दिसंबर, 1872 को मध्य प्रान्त (वर्तमान में छत्तीसगढ़) के बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने 1898 में मुम्बई में ग्रांट मेडिकल कॉलेज से मेडिकल डिग्री ली। फिर मुम्बई नगर निगम में चिकित्सा अधिकारी के रूप में काम करने लगे। सैन्य जीवन में उनकी गहरी रुचि के चलते वह सेना में कमीशन अधिकारी बन गए। सेना की चिकित्सा शाखा में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में बोअर युद्ध में भाग लिया।


गांधीजी से मतभेद होने के कारण डॉ. मुंजे कांग्रेस से अलग हो गए और उनकी गिनती हिन्दू महासभा के तेजस्वी नेताओं में होने लगी। 1930 और 1931 के गोलमेज सम्मेलनों में वे हिन्दू महासभा के प्रतिनिधि के रूप में गए थे जबकि गांधीजी केवल 1931 के गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में गए। गोलमेज सम्मेलन के बाद फरवरी से मार्च 1931 तक यूरोप का भ्रमण किया। 15 मार्च से 24 मार्च तक वे इटली में भी रुके। वहाँ वे मुसोलिनी से भी मिले।


सन 1934 में मुंजे ने सेंट्रल हिंदू मिलिट्री एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य मातृभूमि की रक्षा के लिए युवा हिंदुओं को सैन्य प्रशिक्षण देना और उन्हें ‘सनातन धर्म’ की शिक्षा देना था। साथ ही, निजी सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की कला में युवाओं को प्रशिक्षित करना था।


 *निधन*

बालकृष्ण शिवराम मुंजे का निधन 3 मार्च, 1948 को हुआ था।

      

            

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